Sunday, December 30, 2018





जनपद लखीमपुर खीरी के कस्बा बरवर में जिओ टेक के नाम पर हो रही अवैध वसूली सत्तर ₹70000 मांगे जा रहे हैं कॉलोनी के नाम पर रुपए भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं हो रही बरवर कस्बे में पार आखिर बरवर कस्बे की कोई क्यों नहीं लेने वाला है शुद्ध आखिर क्या कारण है और क्या है इसके पीछे रहस्य बरवर नगर पंचायत में कॉलोनी  बड़े पैमाने पर आई हैं तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का ग्रहण भी लगा हुआ है बताते चलें कस्बा बरवर के मोहल्ला कोट के निवासी मजुल्ला की कॉलोनी आई हुई है जिसका प्रथम किस्त ₹50000 और दूसरी किस्त डेढ़ लाख रुपए आया जिस पर जियो टैग कर रहे तिवारी और रस्तोगी नाम के व्यक्तियों ने लाभार्थी से ₹70000 की घूस मांगी और कहा नहीं दोगे तो  तुम्हें जेल भेज दिया जाएगा तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तुम्हारी कॉलोनी भी वापस कर दी जाएगी लाभार्थी को लगातार धमकियां दी जा रही हैं लाभार्थी भयभीत है आखिर क्यों बरवर नगर पंचायत में इतना भ्रष्टाचार फैला हुआ है कि कोई सुध लेने वाला नहीं है फिलहाल नगर पंचायत बरवर कस्बा भ्रष्टाचार के नंबर में लगातार अखबारों की सुर्खियां सोशल मीडिया समाचार न्यूज़ चैनल पर बना रहता है ना इसकी कोई आला अधिकारी सुनते हैं और ना आला अधिकारी  संज्ञान में लेते हैं जिस का रहस्य बरवर नगर पंचायत में बना हुआ है सूत्रों की माने तो इसके तार कहीं आला अधिकारियों से तो जुड़े हुए नहीं हैं सूत्रों के मुताबिक आला अधिकारियों तक पैसा जाने की खबर आ रही है इसीलिए कोई इस पर कार्यवाही करने के लिए तैयार नहीं होता है
जनपद लखीमपुर खीरी से रफीक खान की रिपोर्ट
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Wednesday, December 19, 2018

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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कच्ची शराब के धंधे के लिए बदनाम हैदराबाद इलाके में तीन लोगों की मौत हो गई। गांव भदैंया में मंगलवार को मुंडन की दावत में पहुंचे दो रिश्तेदारों और बच्चे के पिता की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि तीनों ने दोपहर में कच्ची शराब पी थी। वही उनके लिए जहरीली साबित हुई। डीएम का दावा है कि पोस्टमार्टम में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई है।भदैंया निवासी राकेश उर्फ राजू (35) के लड़के का मुंडन सोमवार को मैलानी स्थित धर्मस्थल मड़हा बाबा पर हुुआ था। वहां भंडारे के बाद सभी लोग शाम सात बजे वापस भदैंया आ गए। राकेश का साढ़ू अजयपाल (26) निवासी गांव फूलबेहड़ और साला सुशील (30) निवासी गांव भूपतिपुर सोमवार शाम को राकेश के घर पहुंच गए।

मंगलवार की सुबह आलू-गोभी की सब्जी और पूड़ी बनी, जिसे सभी रिश्तेदारों ने खाया। परिजनों के अनुसार तभी राकेश, अजयपाल और सुशील ने शराब पी थी। दोपहर में ही अजयपाल और सुशील बाइक से अपने-अपने गांव चले गए। इसके बाद मंगलवार की शाम को सबसे पहले सुशील की हालत बिगड़ी तो उसे लखीमपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब आठ बजे उसने दम तोड़ दिया।

उधर, अजय की भी हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुधवार सुबह तड़के तीन बजे उसकी मौत हो गई। इस बीच राकेश उर्फ राजू की बुधवार तड़के तीन बजे हालत बिगड़ गई।

प्रशासन लीपापोती में जुटा

पत्नी मीना देवी के मुताबिक वह पति को मोहम्मदी के अस्पताल ले जा रही थीं, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि कच्ची शराब के अत्यधिक सेवन से तीनों की मौत हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण विसरा सुरक्षित रख लिया गया।

डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया है कि उनकी पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से बात हुई है, लेकिन अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, एसपी पूनम ने कहा है कि शराब पीने से मौत नहीं हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बुधवार सुबह फूड प्वाइजनिंग का भी शक जताया था, मगर शाम को ऐसा कुछ नहीं बोला।

जिला आबकारी अधिकारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलने पर सुशील के घर आबकारी निरीक्षक को भेजा गया था, लेकिन वहां परिजन नहीं मिले। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब पीने की बात सामने आ रही है। मामले की जांच के लिए आबकारी निरीक्षक को भदैंया गांव भेजा जाएगा। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
तेंदुए को पिंजरे में कैद कर जंगल में छोड़ा
धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार जंगल से निकलकर धौरहरा रेंज में पिछले एक माह में 10 से अधिक बकरियों को निवाला बनाने वाला तेंदुआ आखिरकार रामपुर रेतिया गांव में पकड़ लिया गया। तेंदुआ वन विभाग के लगाए पिंजड़े में फंस गया। चार डॉक्टरों के पैनल से तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल में आजाद कर दिया गया। 
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि कर्तनियाघाट वन्यजीव विहार से निकलकर एक तेंदुआ पिछले करीब एक माह से धौरहरा रेंज के रामपुर रेतिया गांव में सक्रिय था। इस दौरान तेंदुआ ने गांव और आसपास के क्षेत्र में 10 से अधिक पालतू बकरियों को अपना निवाला बनाया। गांव के लोगों को तेंदुए से सुरक्षित रखने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। तेंदुआ आबादी के निकट न आए इसके लिए गांव में फॉक्स लाइट लगाई गईं। हांका लगाकर तेंदुए को जंगल भेजने का प्रयास किया गया लेकिन वन विभाग को इसमें सफलता नहीं मिली। 
सभी प्रयास विफल होने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय के निर्देश पर तेंदुआ की सक्रियता वाली जगह पर रविवार को पिंजड़ा लगाया गया जिसमें बकरी बांधी गई। सोमवार की रात तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। मंगलवार को चार डाक्टरों के पैनल ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस पैनल में उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी धौरहरा डॉ. मुकेश गुप्ता, पशु चिकित्सा अधिकारी रमियाबेहड़ डॉ. साकेत यादव, डब्ल्यूटीआई के डॉ. अखिलेश और दक्ष गंगवार शामिल थे। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। नर तेंदुए की उम्र पांच से छह साल है। यह पूरा अभियान रेंजर धौरहरा अनिल शाह के नेतृत्व में चला। 
पशु चिकित्सकों से तेंदुए के पूरी तरह फिट होने का प्रमाणपत्र मिलने के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की अनुमति से तेंदुए को दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए मंगलवार देर शाम आजाद कर दिया गया। तेंदुए को आजाद करते समय दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल, रेंजर धौरहरा अनिल शाह, रेंजर उत्तर सोनारीपुर, रेंजर दक्षिण सोनारीपुर, डब्ल्यूटीआई के डॉ. दक्ष गंगवार, डॉ. अखिलेश आदि मौजूद रहे।
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों को खूब भा रहा है इसका प्रमाण भी लगातार मिल रहा है। शुरूआती दौर में ही यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। देशी के साथ विदेशी सैलानी भी यहां का रूख कर रहे हैं। इन सैलानियों को सबसे ज्यादा गैंडा दर्शन भा रहा है। जिसको लेकर सैलानी काफी उत्साहित होकर गैंडों का दर्शन कर रहे हैं। वहीं सैलानियों के इस भ्रमण में बाघ के दर्शन भी चार चांद लगा रहे हैं। जिससे यहां सैलानियों की आवाजाही बनी हुई वहीं पार्क प्रशासन भी इससे काफी खुश नजर आ रहा है। 
दुधवा नेशनल पार्क के नवीन पर्यटन सत्र का शुभारंभ 15 नवंबर को हुआ था। जिसके बाद से ही सैलानियों का तांता यहां लगने लगा था। सैलानियों की संख्या देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो सभी इंतजार में बैठे हुए हों कि कब दुधवा पार्क खुले और वे वहां पहुंचे। शुरूआती एक महीने में जहां 3418 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया था। वहीं अब भी सैलानियों की आवाजाही पार्क में बनी हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण गैंडा दर्शन माना जा रहा है। सैलानियों को गैंडा दर्शन काफी भा रहा है तथा स्वच्छंद विचरण करते हुए गैंडों को देखकर वह उत्साहित भी हो रहे हैं। दुधवा के अलौकिक वातावरण को देखने के साथ ही बाघ के हो रहे दीदार से भी सैलानियों में काफी खुशी है। सैलानियों की आमद से दुधवा प्रशासन में भी काफी खुशी का माहौल है। पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस पर्यटन सत्र में अच्छा राजस्व प्राप्त होगा। 
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बेहतर दुधवा की कोशिशों में कामयाब नजर आ रहा पार्क प्रशासन 
सैलानियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही यहां की व्यवस्थाओं को देखते हुए लग रहा है कि बेहतर दुधवा की कोशिशों में पार्क प्रशासन काफी कामयाब नजर आ रहा है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक सैलानी अतिथि हैं और उनकी हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा। टैक्सी, गाइड, सुरक्षा आदि की बेहतरी के लिए भी कदम उठाने के बाद कुछ हद तक सुविधाओं को सही माना जा रहा है।

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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों को खूब भा रहा है इसका प्रमाण भी लगातार मिल रहा है। शुरूआती दौर में ही यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। देशी के साथ विदेशी सैलानी भी यहां का रूख कर रहे हैं। इन सैलानियों को सबसे ज्यादा गैंडा दर्शन भा रहा है। जिसको लेकर सैलानी काफी उत्साहित होकर गैंडों का दर्शन कर रहे हैं। वहीं सैलानियों के इस भ्रमण में बाघ के दर्शन भी चार चांद लगा रहे हैं। जिससे यहां सैलानियों की आवाजाही बनी हुई वहीं पार्क प्रशासन भी इससे काफी खुश नजर आ रहा है। 
दुधवा नेशनल पार्क के नवीन पर्यटन सत्र का शुभारंभ 15 नवंबर को हुआ था। जिसके बाद से ही सैलानियों का तांता यहां लगने लगा था। सैलानियों की संख्या देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो सभी इंतजार में बैठे हुए हों कि कब दुधवा पार्क खुले और वे वहां पहुंचे। शुरूआती एक महीने में जहां 3418 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया था। वहीं अब भी सैलानियों की आवाजाही पार्क में बनी हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण गैंडा दर्शन माना जा रहा है। सैलानियों को गैंडा दर्शन काफी भा रहा है तथा स्वच्छंद विचरण करते हुए गैंडों को देखकर वह उत्साहित भी हो रहे हैं। दुधवा के अलौकिक वातावरण को देखने के साथ ही बाघ के हो रहे दीदार से भी सैलानियों में काफी खुशी है। सैलानियों की आमद से दुधवा प्रशासन में भी काफी खुशी का माहौल है। पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस पर्यटन सत्र में अच्छा राजस्व प्राप्त होगा। 
बेहतर दुधवा की कोशिशों में कामयाब नजर आ रहा पार्क प्रशासन 
सैलानियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही यहां की व्यवस्थाओं को देखते हुए लग रहा है कि बेहतर दुधवा की कोशिशों में पार्क प्रशासन काफी कामयाब नजर आ रहा है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक सैलानी अतिथि हैं और उनकी हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा। टैक्सी, गाइड, सुरक्षा आदि की बेहतरी के लिए भी कदम उठाने के बाद कुछ हद तक सुविधाओं को सही माना जा रहा है।
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों को खूब भा रहा है इसका प्रमाण भी लगातार मिल रहा है। शुरूआती दौर में ही यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। देशी के साथ विदेशी सैलानी भी यहां का रूख कर रहे हैं। इन सैलानियों को सबसे ज्यादा गैंडा दर्शन भा रहा है। जिसको लेकर सैलानी काफी उत्साहित होकर गैंडों का दर्शन कर रहे हैं। वहीं सैलानियों के इस भ्रमण में बाघ के दर्शन भी चार चांद लगा रहे हैं। जिससे यहां सैलानियों की आवाजाही बनी हुई वहीं पार्क प्रशासन भी इससे काफी खुश नजर आ रहा है। 
दुधवा नेशनल पार्क के नवीन पर्यटन सत्र का शुभारंभ 15 नवंबर को हुआ था। जिसके बाद से ही सैलानियों का तांता यहां लगने लगा था। सैलानियों की संख्या देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो सभी इंतजार में बैठे हुए हों कि कब दुधवा पार्क खुले और वे वहां पहुंचे। शुरूआती एक महीने में जहां 3418 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया था। वहीं अब भी सैलानियों की आवाजाही पार्क में बनी हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण गैंडा दर्शन माना जा रहा है। सैलानियों को गैंडा दर्शन काफी भा रहा है तथा स्वच्छंद विचरण करते हुए गैंडों को देखकर वह उत्साहित भी हो रहे हैं। दुधवा के अलौकिक वातावरण को देखने के साथ ही बाघ के हो रहे दीदार से भी सैलानियों में काफी खुशी है। सैलानियों की आमद से दुधवा प्रशासन में भी काफी खुशी का माहौल है। पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस पर्यटन सत्र में अच्छा राजस्व प्राप्त होगा। 
बेहतर दुधवा की कोशिशों में कामयाब नजर आ रहा पार्क प्रशासन 
सैलानियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही यहां की व्यवस्थाओं को देखते हुए लग रहा है कि बेहतर दुधवा की कोशिशों में पार्क प्रशासन काफी कामयाब नजर आ रहा है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक सैलानी अतिथि हैं और उनकी हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा। टैक्सी, गाइड, सुरक्षा आदि की बेहतरी के लिए भी कदम उठाने के बाद कुछ हद तक सुविधाओं को सही माना जा रहा है।
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों को खूब भा रहा है इसका प्रमाण भी लगातार मिल रहा है। शुरूआती दौर में ही यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। देशी के साथ विदेशी सैलानी भी यहां का रूख कर रहे हैं। इन सैलानियों को सबसे ज्यादा गैंडा दर्शन भा रहा है। जिसको लेकर सैलानी काफी उत्साहित होकर गैंडों का दर्शन कर रहे हैं। वहीं सैलानियों के इस भ्रमण में बाघ के दर्शन भी चार चांद लगा रहे हैं। जिससे यहां सैलानियों की आवाजाही बनी हुई वहीं पार्क प्रशासन भी इससे काफी खुश नजर आ रहा है। 
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बेहतर दुधवा की कोशिशों में कामयाब नजर आ रहा पार्क प्रशासन 
सैलानियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही यहां की व्यवस्थाओं को देखते हुए लग रहा है कि बेहतर दुधवा की कोशिशों में पार्क प्रशासन काफी कामयाब नजर आ रहा है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक सैलानी अतिथि हैं और उनकी हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा। टैक्सी, गाइड, सुरक्षा आदि की बेहतरी के लिए भी कदम उठाने के बाद कुछ हद तक सुविधाओं को सही माना जा रहा है।

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